अनूपपुर, 23 जून।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में अनूपपुर जिले के 26 वर्षीय जयनील चक्रवर्ती की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर भालूमाड़ा पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
जयनील चक्रवर्ती पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और पिछले तीन वर्षों से उसी भवन में संचालित एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, जहां यह हादसा हुआ। वह अविवाहित थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जमुना कोतमा में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर अपने करियर की शुरुआत की थी।
मृतक के पिता जयंत चक्रवर्ती एसईसीएल जमुना कोतमा के क्षेत्रीय अस्पताल में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता दुर्गा चक्रवर्ती गृहिणी हैं, जबकि छोटा भाई भालूमाड़ा में अध्ययनरत है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
परिजनों के अनुसार, आग लगने की घटना दोपहर के समय हुई थी। हादसे के बाद भवन में मौजूद कुछ लोगों ने अपने परिजनों को इसकी सूचना दी थी। इसी दौरान जयनील के छोटे भाई के एक परिचित से भी घटना की जानकारी परिवार तक पहुंची।
सूचना मिलने पर माता-पिता और अन्य परिजन लखनऊ के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उन्हें प्रशासन की ओर से बताया गया कि जयनील का पार्थिव शरीर सुरक्षित उनके गृह नगर पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद परिवार ने यात्रा बीच में ही रोक दी।
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पार्थिव शरीर भालूमाड़ा पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। इसके बाद नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जयनील के निधन से परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों में गहरा दुख है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें प्रतिभाशाली और मिलनसार युवा बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।










