मैहर, 23 जून।
मैहर जिले के अजमाइन गांव में खसरा संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। गांव में संक्रमित एक तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य अमले ने सतर्कता बढ़ा दी है। अब तक छह बच्चों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद संक्रमण रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
अजमाइन गांव के पटेल मोहल्ला में मीजल्स संक्रमण के मामले सामने आए हैं। संक्रमित बच्चों में तेज बुखार, शरीर पर लाल चकत्ते, सर्दी-जुकाम, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य जांच में बच्चों के खसरा संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
मृतक बच्चे की पहचान उमंग पटेल (3) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार उसे कई दिनों से बुखार और अन्य लक्षण थे। बाद में उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। बाद में आई जांच रिपोर्ट में उसके खसरे से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि संक्रमण का स्रोत पन्ना जिले से आया एक बच्चा था। उसके संपर्क में आने के बाद परिवार और रिश्तेदारी के अन्य बच्चों में भी संक्रमण फैल गया। वर्तमान में छह बच्चों में खसरे की पुष्टि हो चुकी है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुचित्रा अग्रवाल ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया था। उन्होंने माना कि नियमित निगरानी और फॉलोअप में कमी के कारण स्थिति गंभीर हुई। अब स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगातार निगरानी और सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने कलेक्टर को पत्र लिखकर गांव के सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को सात दिनों के लिए बंद रखने की सिफारिश की है। साथ ही छोटे बच्चों की उपस्थिति रोकने और टेक-होम राशन घर-घर पहुंचाने का सुझाव भी दिया गया है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में लगातार निगरानी कर रही हैं। संक्रमित बच्चों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। वहीं बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।










