इंदौर, 23 जून।
इंदौर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं को सुनते हुए जिला प्रशासन ने कई मामलों में त्वरित राहत प्रदान की। कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदनों की समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, भरण-पोषण, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता और भूमि विवादों से जुड़े बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुरूप प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। विशेष रूप से स्वास्थ्य सहायता, आर्थिक सहयोग और आपातकालीन मामलों को प्राथमिकता देकर जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुंचाई जा रही है।
कार्यक्रम में कई नागरिक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान भरण-पोषण, पारिवारिक विवाद, गुजारा भत्ता, नामांतरण, सीमांकन, अतिक्रमण और भूमि विवाद से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई। पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों और सुरक्षा संबंधी प्रकरणों पर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस दौरान एक गंभीर शिकायत सामने आई, जिसमें राजस्व न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने और अनावश्यक देरी किए जाने का आरोप एक पटवारी पर लगाया गया। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने बिचौली हप्सी क्षेत्र में पदस्थ पटवारी अनुशील जोसेफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसके साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए और लंबित आदेश का पालन तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन के आदेशों के पालन में लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है और जहां भी अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई में कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की गई।










