इंदौर, 23 जून।
काले हिरण और चिंकारा के शिकार के बाद उनके मांस की अंतरराज्यीय स्तर पर तस्करी से जुड़े मामले में आरोपी रिजवान और इम्तियाज को राहत नहीं मिली है। इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिकाओं को निरस्त कर दिया।
सुनवाई के दौरान स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की इंदौर इकाई ने न्यायालय के समक्ष मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और उपलब्ध साक्ष्य रखे। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच से प्राप्त शिकार संबंधी सामग्री भी अदालत में प्रस्तुत की गई। मामले में अन्य न्यायिक आदेशों और प्रासंगिक तथ्यों का भी उल्लेख किया गया।
न्यायालय ने विवेचना के दौरान एकत्र किए गए तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत पक्ष पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। मामले की आगे की जांच अब भी जारी है।
जानकारी के अनुसार, वन्यजीव तस्करी से जुड़े इस प्रकरण में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की थी। इंदौर जिले के किशनगंज क्षेत्र से तीन आरोपियों को करीब 65 किलोग्राम वन्यजीव मांस, एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद संबंधित धाराओं में वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी आगे की जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की इंदौर इकाई को सौंपी गई। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 21 अगस्त 2025 को नया प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। वर्तमान में इम्तियाज 19 माह और रिजवान 4 माह से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। अब तक इस मामले में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।










