चित्तौड़गढ़, 25 जून।
शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में 5 से 20 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी निवासी एक व्यक्ति से करीब 72 लाख रुपये की ठगी कर ली। फर्जी ऐप और वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, वार्ड-8 कांटियो की गली, पहुंना निवासी गोपाल लाल शर्मा ने शिकायत में बताया कि मार्च 2026 में यूट्यूब पर आईआईएफएल कैपिटल सर्विस लिमिटेड के नाम से शेयर ट्रेडिंग और नए आईपीओ का विज्ञापन दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करने के बाद संपर्क एक वॉट्सऐप नंबर से हुआ। खुद को कंपनी का सेक्रेटरी बताने वाली टीना मल्होत्रा नामक महिला ने IIFL VIP ऐप के जरिए निवेश करने पर 5 से 20 प्रतिशत तक मुनाफे का भरोसा दिलाया।
इसके बाद 26 मार्च को उनसे डीएमए मार्केट ट्रेडिंग अकाउंट का पंजीकरण फॉर्म भरवाया गया और दो अप्रैल को एक वॉट्सऐप ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप में निवेश से जुड़े स्क्रीनशॉट, ट्रेडिंग टिप्स और फर्जी लिंक साझा किए जाते थे। इसी लिंक के जरिए गूगल प्ले स्टोर जैसा दिखने वाला नकली IIFL VIP ऐप डाउनलोड कराया गया।
आरोप है कि ठगों के कहने पर गोपाल लाल शर्मा ने दो अप्रैल से तीन जून 2026 के बीच अपने एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महिन्द्रा, फेडरल बैंक तथा पत्नी चन्द्रकला और पिता देवीलाल के खातों से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 71.97 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऐप में मूल निवेश के साथ 26.31 लाख रुपये का मुनाफा भी दिखाया जा रहा था।
जब पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया तो भुगतान नहीं हुआ। कुछ समय बाद ऐप खोलने पर 'सस्पेक्ट फिशिंग वार्निंग' का संदेश आने लगा और खाते में शेष राशि शून्य दिखाई देने लगी। इसके बाद टीना मल्होत्रा और ग्रुप एडमिन के मोबाइल नंबर भी बंद मिले। आईआईएफएल कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि उस नाम का कोई कर्मचारी वहां कार्यरत नहीं है, तब ठगी का पता चला।
पीड़ित ने पहले साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और 24 जून को साइबर थाना चित्तौड़गढ़ में रिपोर्ट दी। पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66डी तथा बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक मधु कंवर कर रही हैं।















