जोधपुर, 25 जून।
शहर के बनाड़ क्षेत्र में रहने वाले एक युवक से गोल्ड लोन दिलाने का भरोसा देकर करीब 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत से उससे रकम दिलवाई, लेकिन बाद में न तो पैसा वापस मिला और न ही दिया गया चेक पास हुआ। मामले में भगत की कोठी थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सारण नगर बी रोड, बनाड़ निवासी रामनिवास चौधरी ने शिकायत में बताया कि उसकी पहचान मधुबन स्थित एक फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर रौनक शर्मा से थी। रौनक ने उसे बताया कि कंपनी के रिलेशनशिप मैनेजर विजेंद्र भाटी की पहचान सुभाष चौक निवासी मेहबूब से है, जिसने एक निजी फाइनेंस कंपनी से 12.35 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था और वह डिफॉल्ट हो चुका है। लोन चुकाने के लिए उसे 12 लाख रुपये की आवश्यकता है।
शिकायत के अनुसार, रौनक शर्मा, विजेंद्र भाटी और मनोज पारिक ने भरोसा दिलाया कि यदि वह 12 लाख रुपये उपलब्ध करा देगा तो पहले मेहबूब का पुराना गोल्ड लोन चुकाकर जेवर छुड़वाए जाएंगे। इसके बाद उन्हीं गहनों पर मधुबन स्थित फाइनेंस कंपनी से नया लोन लेकर उसकी पूरी रकम वापस उसके बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी। आरोप है कि उनकी बातों पर विश्वास कर उसने एजीटीएस के माध्यम से 12 लाख रुपये मेहबूब के खाते में जमा करवा दिए। इसी दौरान मेहबूब ने उसके नाम 12 लाख रुपये का एक चेक भी रौनक शर्मा को सौंप दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुराना गोल्ड लोन चुकाने के बाद आरोपित बनाड़ स्थित फाइनेंस कंपनी से सोने के जेवर छुड़वा ले गए, लेकिन इसके बाद मेहबूब कंपनी आने का बहाना बनाकर फरार हो गया और उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। 19 जून को जब पीड़ित ने अपने पास मौजूद चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया।
पीड़ित ने मामले में मेहबूब के अलावा निजी फाइनेंस कंपनी से जुड़े विजेंद्र भाटी, मनोज पारिक और अन्य लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।















