अमरनाथ गुफा, 29 जून।
पवित्र अमरनाथ गुफा में सोमवार को पारंपरिक 'प्रथम पूजा' के साथ ही वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा का औपचारिक आगाज हो गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वयं इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और बाबा बर्फानी के समक्ष समस्त विश्व की सुख-समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना की।
उपराज्यपाल ने बताया कि इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा को लेकर प्रशासन, श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। स्थानीय समुदाय और सेवा प्रदाताओं के सहयोग से तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को काफी बेहतर बनाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। बाबा अमरनाथ जी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के स्वागत के लिए जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से तैयार है।
57 दिनों तक चलने वाली यह आध्यात्मिक यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ संपन्न होगी। समुद्र तल से 3880 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा में बर्फ से बनी प्राकृतिक हिमलिंग का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल के पारंपरिक मार्गों का उपयोग करते हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से गुफा की ओर जाने वाले मार्ग को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है, जिसके कारण इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। पहलगाम का रास्ता जहां चार दिनों का समय लेता है, वहीं बालटाल से श्रद्धालु दर्शन कर एक ही दिन में वापस आ सकते हैं।











