दोहा, 02 जुलाई।
कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच संपन्न हुई हालिया तकनीकी वार्ता में कर (Tax) संबंधी किसी भी समझौते पर चर्चा नहीं हुई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन अप्रत्यक्ष वार्ताओं का प्राथमिक एजेंडा होरमुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा, तनाव को कम करने और ईरान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित संपत्तियों को मुक्त करने पर केंद्रित रहा।
वार्ता के प्रमुख बिंदु:
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होरमुज जलडमरूमध्य: ईरान द्वारा होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर टोल वसूलने और अधिकार जताने की कोशिशों का अमेरिका और खाड़ी देशों ने कड़ा विरोध किया है।
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प्रतिबंधित धनराशि का उपयोग: कतर में होल्ड की गई ईरान की 6 अरब डॉलर की धनराशि को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बरकरार हैं। ईरान इसे आवश्यक आयात के लिए उपयोग करने पर जोर दे रहा है, जबकि अमेरिकी प्रशासन की प्राथमिकता इसे कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए सुरक्षित करना है।
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प्रत्यक्ष वार्ता का अभाव: अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों के बावजूद, ईरानी अधिकारियों ने किसी भी सीधी द्विपक्षीय बातचीत से स्पष्ट इनकार किया है। यह संवाद पूरी तरह से कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के माध्यम से संचालित किया गया।
वित्तीय अनुपालन की चेतावनी: चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच कोई औपचारिक कर संधि (Tax Treaty) अस्तित्व में नहीं है, इसलिए दोनों देशों के बीच वित्तीय गतिविधियों में शामिल होने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कारोबारियों को दोनों देशों के घरेलू कानूनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों (International Sanctions) का कड़ाई से पालन करना होगा।
कर संबंधी आधिकारिक दिशानिर्देशों के लिए अमेरिकी नागरिकों को 'इंटरनल रेवेन्यू सर्विस' (IRS) की वेबसाइट का संदर्भ लेने की सलाह दी गई है, जबकि ईरान के वैश्विक कर नेटवर्क से जुड़ी जानकारी के लिए 'टैक्स एटलस' का अवलोकन करना अनिवार्य बताया गया है।
















