नई दिल्ली, 02 जुलाई।
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में कुदरत का कहर बरपा है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन राज्यों में मची तबाही पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने कहा कि आपदा ने न केवल कई जानें ली हैं, बल्कि हजारों परिवारों का आशियाना भी छीन लिया है।
खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि असम को बाढ़ मुक्त बनाने के वादे महज कागजों तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आपदा अब एक वार्षिक समस्या बन चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से किए जा रहे ठोस उपायों और दीर्घकालिक समाधानों का अभाव साफ दिखता है। उन्होंने मांग उठाई है कि पीएम केयर्स फंड का इस्तेमाल कर प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास के लिए युद्धस्तर पर काम हो।
उन्होंने राहत कार्य में जुटे जवानों की सराहना करते हुए कहा कि पूरा देश एनडीआरएफ और एसडीआरएफ जैसी टीमों के प्रयासों पर गर्व करता है। हालाँकि, संकट की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सरकार से अतिरिक्त संसाधन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि नुकसान का आकलन कर पुनर्निर्माण कार्य तेज किया जा सके। साथ ही, उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिया है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों की मदद में कोई कसर न छोड़ें।
















