नई दिल्ली, 02 जुलाई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने ताइक्वांडो खिलाड़ी कशिश मलिक को बड़ी राहत दी है। अदालत ने खेल मंत्रालय के उस विवादास्पद आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कशिश को आगामी एशियाई खेलों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने मंत्रालय को निर्देशित किया है कि वह एथलीट को भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विचार सूची में शामिल करे।
अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी को केवल इस आधार पर बाहर करना कि उनके भार वर्ग को किसी दूसरे वर्ग में विलय कर दिया गया है, पूरी तरह गलत है। जब खेल मंत्रालय के वकीलों ने तर्क दिया कि कशिश ने 57 किलो वर्ग में कोई पदक नहीं जीता है, तो कोर्ट ने इस दलील को बेतुका करार देते हुए खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि मंत्रालय खिलाड़ी को इसलिए दंडित नहीं कर सकता क्योंकि उन्होंने उस श्रेणी में हिस्सा नहीं लिया जिसमें वे क्वालिफाई नहीं थे।
कशिश मलिक ने 2026 एशियाई चैंपियनशिप में 53 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाया था। उच्च न्यायालय ने अब मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह कशिश मलिक को एशियाई ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भाग लेने के योग्य मानकर अपना निर्णय ले। इस आदेश से खिलाड़ी को बड़ी जीत मिली है।
















