गयाजी, 04 जुलाई।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के एकीकृत क्रियान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में आपराधिक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार में समयबद्ध और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान हमेशा 'न्याय के साथ विकास' की रही है और नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन इस सोच को और मजबूत करेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का 'सहयोग कार्यक्रम' आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। इसके तहत प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाता है। यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्रवाई की जाती है।
सम्राट चौधरी ने न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए नियमित समन्वय बैठकों का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू करना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय के लिए आधुनिक तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य के थानों को सीसीटीवी कैमरों, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फॉरेंसिक वैन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस वर्तमान में औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है। सरकार का लक्ष्य इस समय को घटाकर 7 से 8 मिनट करना है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए।
सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय, बिहार न्यायिक अकादमी के चेयरमैन न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, एडवोकेट जनरल सत्यदर्शी संजय, बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर और गृह सचिव कुंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








