काठमांडू, 09 जुलाई।
सत्ता संभालने के 100 दिन पूरे होने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अब जनसंवाद की नई पहल की है। उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बैठक कर आर्थिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
सरकार ने अब तक सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अब प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान आर्थिक समृद्धि पर है। उनका मानना है कि निजी क्षेत्र ही देश की अर्थव्यवस्था का असली इंजन है, जिसे आगे बढ़ाने की जरूरत है।
यह बैठक निर्धारित समय से कहीं अधिक लंबी चली। प्रधानमंत्री ने न केवल व्यापारियों की समस्याएं सुनीं, बल्कि उनसे व्यावहारिक समाधान भी मांगे। उन्होंने समस्याओं के नियमित समाधान के लिए एक समिति के गठन का भी निर्देश दिया है।
आने वाले दिनों में निर्माण, पर्यटन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की जाएगी। सरकार का मकसद विकास परियोजनाओं को तेज करना और निवेश के माहौल को बेहतर बनाना है।
व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत के अवसर को सकारात्मक कदम बताया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि निजी क्षेत्र अब अर्थव्यवस्था की ड्राइविंग सीट पर होगा और उनकी चुनौतियों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।















