भोपाल, 09 जुलाई।
मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार शाम को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने भाजपा का दामन थाम लिया। भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में उन्होंने विधिवत रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी की कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है।

राकेश सिंह यादव का कांग्रेस नेतृत्व के प्रति असंतोष पिछले काफी समय से सार्वजनिक था। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। यादव ने आरोप लगाया था कि संगठन में मनमाने तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं और असहमति जताने वाले कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया जा रहा है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब वीर भूमि न्यास मामले में पार्टी नेतृत्व द्वारा लगाए गए आरोपों पर यादव ने सबूत मांगे। उनका कहना था कि प्रमाण मांगने पर उन्हें जवाब देने के बजाय नोटिस जारी कर दिया गया। यादव ने पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों की कमी का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगाए।

यादव के अनुसार, कांग्रेस में योग्य लोगों के बजाय गलत व्यक्तियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि संगठनात्मक ढांचे में तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले नगरीय निकाय चुनावों में पार्टी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अब उनके भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।








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