काठमांडू, 10 जुलाई।
नेपाल में सार्वजनिक पदों पर बैठे रहे दिग्गजों के लिए संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य हो गया है। अब तक पूर्व प्रधानमंत्रियों और सेना प्रमुखों समेत 13,660 लोगों ने अपनी कमाई का ब्योरा सरकारी आयोग के पास जमा कर दिया है। इसके अलावा अवैध संपत्ति को लेकर 1,500 शिकायतें भी दर्ज की गई हैं।
आयोग ने अप्रैल में एक सूचना जारी कर संबंधित पदाधिकारियों से परिवार सहित अपनी संपत्तियों का ब्योरा मांगा था। पहले कम प्रतिक्रिया मिलने पर आयोग ने इसकी समयसीमा को बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दिया है। फिलहाल हर दिन लगभग 500 लोग अपने दस्तावेज आयोग को सौंप रहे हैं।
इस सूची में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल, खिलराज रेग्मी, ईश्वर पोखरेल और पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इनके साथ ही पूर्व सेना प्रमुख रुक्मांगत कटुवाल और लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष उमेश मैनाली सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी जानकारी साझा की है।
आयोग के प्रवक्ता गणेश केसी के अनुसार, लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर, डाक या ईमेल के जरिए अपने दस्तावेज भेज रहे हैं। फिलहाल यह जांच 2006 से मार्च 2026 के बीच सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों पर केंद्रित है। इसके बाद 1990 से 2006 तक के कालखंड की जांच के लिए अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।








.jpg)



