लखनऊ, 10 जुलाई।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने समर्थकों को आगाह किया है कि वे उन राजनीतिक संगठनों और दलों से सावधान रहें जो अपने निहित स्वार्थों के लिए लोगों को उकसाकर सड़कों पर उतारते हैं।
मायावती ने अपने आवास पर आयोजित एक वार्ता में कहा कि जो लोग भीड़ को भड़काने के बाद मगरमच्छ के आंसू बहाने पहुंचते हैं, वे पीड़ितों का भला कभी नहीं कर सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतें लोगों की परेशानियां ही बढ़ाती हैं।
उन्होंने समर्थकों को कानून के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई लड़ने की नसीहत दी। मायावती ने जोर देकर कहा कि दलितों और उपेक्षित वर्गों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजनैतिक सत्ता की चाबी स्वयं हासिल करनी होगी।
बाबा साहेब के शांतिपूर्ण मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वोट की ताकत ही सबसे बड़ी दवा है। बीएसपी लगातार इसी दिशा में अपनी एकजुटता के साथ प्रयास कर रही है।
आगामी विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर उन्होंने समर्थकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने दोहराया कि सत्ता का मार्ग शांतिपूर्ण संवैधानिक दायरे से ही प्रशस्त होता है।








.jpg)
