कोलकाता, 10 जुलाई।
महानगर कोलकाता समेत पूरे पश्चिम बंगाल में मानसून ने पूरी तरह से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में भारी वर्षा और गर्जन की चेतावनी जारी की है।
कोलकाता में आसमान पर घने बादल छाए हुए हैं और उमस भरी गर्मी के बीच रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवा में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिन और रात के दौरान गर्जन के साथ भारी वर्षा होने की 90 प्रतिशत से अधिक संभावना है। 12 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं बारिश की तीव्रता को और बढ़ा रही हैं।
उत्तर बंगाल में मानसून की स्थिति और अधिक गंभीर है। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। वहीं, दक्षिण बंगाल के तटीय जिलों दीघा और डायमंड हार्बर में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है।
लगातार हो रही इस बारिश के चलते पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। कसाई और सुवर्णरेखा जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। कोलकाता नगर निगम और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जलजमाव की स्थिति में पंपिंग व्यवस्था के जरिए तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।








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