झाड़ग्राम, 10 जुलाई।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुँच गया है, जिसके परिणामस्वरूप नयाग्राम और सांकराइल प्रखंडों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण फेयर वेदर पुल गुरुवार को बह गया। इस पुल के ढह जाने से दोनों प्रखंडों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है, जिससे हजारों स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
झाड़ग्राम जिला परिषद के अधीन आने वाला यह पुल नयाग्राम के लोगों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुँचने का सबसे सुगम मार्ग था। पुल के अस्तित्व में न रहने से अब लोगों को गोपीबल्लभपुर होकर एक लंबा और थका देने वाला सफर तय करना पड़ रहा है। यद्यपि प्रशासन ने नदी पार करने के लिए नौका सेवा शुरू की है, लेकिन उफनती सुवर्णरेखा नदी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह विकल्प अत्यंत जोखिम भरा माना जा रहा है।
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार से तत्काल एक पक्के पुल के निर्माण की मांग की है। जुलशोला गांव के निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में पुल का बह जाना एक आम समस्या बन गई है, जो क्षेत्र के विकास में बाधक है।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नयाग्राम और सांकराइल थानों के माध्यम से नदी के दोनों किनारों पर निगरानी बढ़ा दी है। इसके अतिरिक्त, गोपीबल्लभपुर-दो प्रखंड के मालिंचा गांव में नदी द्वारा कटाव शुरू होने से चिंता और बढ़ गई है। जिला प्रशासन अब वैकल्पिक रास्तों और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दे रहा है।








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