पिछले दिनों एक बड़े ताकतवर साहब के जन्मदिन की पार्टी का खर्चा किसी और के माथे पड़ गया। उत्साह में साहब से यह कहना कि "हम सब देख लेंगे", छोटे साहब को भारी पड़ गया।
इशारों-इशारों में दो-तीन बार साहब को बता चुके हैं कि पार्टी के भुगतान का क्या करना है, लेकिन अब बड़े साहब भी इशारों-इशारों में कह रहे हैं कि भुगतान तो भुगतना ही पड़ेगा।














