न्यूयॉर्क, 18 जुलाई।
फीफा विश्व कप के फाइनल मुकाबले से पहले स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने लियोनेल मेसी को रोकने की अपनी रणनीति पर खुलकर चर्चा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेसी जैसे महान खिलाड़ी के लिए मैन-मार्किंग करना किसी भूल से कम नहीं है। अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कोच ने बताया कि अतीत में मेसी को व्यक्तिगत रूप से रोकने का प्रयास भारी पड़ा था, क्योंकि खिलाड़ी की प्रतिभा के सामने कोई भी बंधन बेअसर साबित होता है।
स्पेन के कोच ने मेसी की उम्र और इस टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने मेसी को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके खेल के प्रति समर्पण और व्यवहार अद्वितीय हैं। मैदान पर दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला एक उच्च स्तरीय फुटबॉल कला का प्रदर्शन होगा, जहां स्पेन और अर्जेंटीना की टीमें अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगी।
फाइनल मैच के दौरान स्कालोनी और डे ला फुएंते का सामना कोच के रूप में होगा, जिनके बीच पुराने पेशेवर संबंध और गहरा सम्मान है। वहीं, खेल में होने वाले बदलावों पर टिप्पणी करते हुए कोच ने कहा कि 30 मिनट का लंबा हाफ-टाइम समय की मांग हो सकती है और हमें भविष्य के इन बदलावों को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करना चाहिए।











