तेहरान, 18 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शांति समझौता विफल होने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगातार सातवीं रात हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया गया है।
बंदर अब्बास और सिरिक जैसे दक्षिणी बंदरगाह शहरों में भीषण धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। दूसरी ओर, अमेरिकी मध्य कमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों में विस्फोट के ईरानी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन हमले का निशाना बनाया है। कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि उनके वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को नाकाम करने के लिए मोर्चा संभाला।
क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और दोनों देशों के बीच आर-पार की स्थिति बनी हुई है। इस सैन्य टकराव से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मची हुई है और दुनिया भर की निगाहें इस संघर्ष पर टिकी हैं।










