जिनेवा, 18 जुलाई।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजेंसी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तानी अधिकारियों से संयम बरतने की अपील करते हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्षेत्र में होने वाले आगामी चुनावों के चलते हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले एक महीने में हुई झड़पों में कई लोगों की जान गई है, जिसे लेकर संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल और पारदर्शी जांच पर जोर दिया है।
पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगाने पर भी वैश्विक संस्था ने आपत्ति जताई है। कमेटी के नेताओं की गिरफ्तारी और नागरिक समाज के अधिकारों पर रोक को अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन बताया गया है।
मानवाधिकार प्रमुख ने इंटरनेट पर लगाई गई पाबंदियों की भी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संचार पर रोक लगाने से लोगों के सूचना पाने और अपनी बात रखने के अधिकार का हनन हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने का आग्रह किया है।











