नई दिल्ली, 18 जुलाई।
महिला हॉकी विश्व कप के आगामी आयोजन के लिए भारतीय टीम पूरी तरह तैयार है। टीम की कमान संभाल रहीं सलीमा टेटे ने स्पष्ट किया है कि भारत का लक्ष्य केवल हिस्सा लेना नहीं, बल्कि फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचना है। नेशंस कप की जीत से खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा है और वे दुनिया की शीर्ष टीमों से लोहा लेने के लिए कमर कस चुकी हैं।
15 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए भारत को पूल-डी में रखा गया है। सलीमा ने अपने पहले विश्व कप कप्तानी के अनुभव को बेहद खास बताया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह न केवल बड़ी जिम्मेदारी है, बल्कि टीम के नेतृत्व का एक गौरवपूर्ण अवसर भी है। वे युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर इस बार परिणामों को भारत के पक्ष में मोड़ने के लिए प्रयासरत हैं।
टीम की सबसे बड़ी ताकत उनके बीच का आपसी संवाद है। सलीमा का मानना है कि दबाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना ही सफलता की कुंजी है। चीन के खिलाफ होने वाले पहले मैच से लेकर अंतिम मुकाबले तक, टीम अपने स्वाभाविक खेल और जुझारूपन के साथ मैदान पर उतरेगी। अपनी रणनीति पर अडिग रहकर और अंतिम सेकंड तक लड़ने के इरादे के साथ भारतीय हॉकी टीम इस विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है।











