कोलकाता, 24 जुलाई।
नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा का मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और ऐसे अपराधों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
उन्होंने गुरुवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह निर्णय पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उनके अनुसार इससे आरोपितों को त्वरित और कठोर दंड मिलने का रास्ता मजबूत होगा तथा करोड़ों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा सुनिश्चित होगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा था कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पेपर लीक से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

पत्रकारों से बातचीत में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस विषय पर जो बात कही है, वही सभी की भावना है। उनके अनुसार यह पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है और इस पर अलग से किसी राज्य के मुख्यमंत्री को कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश ही उनका भी संदेश है।
उन्होंने दोहराया कि मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती और ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने दिल्ली में चल रहे सीजेपी आंदोलन और जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन यदि किसी आंदोलन के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो या छात्रों पर दबाव डालकर उन्हें प्रदर्शन में शामिल कराया जाए तो इसे उचित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि जादवपुर विश्वविद्यालय के कुछ छात्रावासों में विद्यार्थियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने उन्हें इसकी जानकारी दी है और इस संबंध में उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति से भी बातचीत की है।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में शीघ्र सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया है। दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है। पश्चिम बंगाल में भी यह विषय छात्र आंदोलनों और राजनीतिक बयानबाजी के कारण चर्चा में बना हुआ है।










