नई दिल्ली, 24 जुलाई।
पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन देर रात समाप्त कर दिया। इसके बाद जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि देश में परीक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने सरकार के साथ हुई बातचीत और मिले आश्वासनों की जानकारी भी साझा की। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर किसी प्रकार की बात नहीं हुई।
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भरोसा दिलाया है कि संसद में परीक्षा तंत्र की विफलता पर चर्चा कर जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही नीट पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और उनके विरुद्ध किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
इसी बीच जानकारी सामने आई है कि सरकार जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे सीजेपी नेताओं से कांस्टीट्यूशनल क्लब में बातचीत कर सकती है। हालांकि इस संबंध में सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उधर, सीजेपी का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के त्याग को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में 26 दिन से जारी अनशन समाप्त किया गया।









