मुंबई, 24 जुलाई।
बॉलीवुड के गलियारों में शादियों की पृष्ठभूमि पर कई फिल्म बन चुकी हैं, मगर निर्देशक आकाशादित्य लामा की 'दुल्हनिया ले आएगी' अपनी एकदम अनूठी और हटकर कहानी के कारण खासी चर्चा में है। इस अनोखी कहानी में पारंपरिक रीतियों से अलग दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचता, बल्कि खुद दुल्हन अपने दूल्हा की तलाश में निकल पड़ती है। यह मनोरंजक फिल्म हास्य, मजबूत भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों का एक बेहतरीन मिश्रण परदे पर पेश करती है।
इस फिल्म की केंद्रीय कहानी नव्या (खुशाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बड़ी कंपनी में एचआर हेड के रूप में कार्यरत है। उसके पिता देवी प्रसाद (महेश मांजरेकर) अपनी बिटिया के ब्याह को लेकर बेहद प्रसन्न हैं और घर में उत्सव का माहौल है, लेकिन ठीक विवाह से पहले नव्या को अपने होने वाले वर की सच्चाई का पता चलता है कि वह महिलाओं का आदर नहीं करता और धोखेबाज है। इसके बाद वह तुरंत शादी तोड़ने का कड़ा फैसला लेती है।
अपने बीमार पिता की सेहत को ध्यान में रखते हुए, जिन्हें गहरा सदमा लग सकता है, नव्या एक ऐसा कदम उठाती है जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। वह उसी मंडप के भीतर से ही एक नए दूल्हा की खोज शुरू कर देती है और इस अनोखे सफर में उसे कई अजीब व भावुक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। निर्देशन के मोर्चे पर आकाशादित्य लामा ने कॉमेडी और जज्बातों के बीच शानदार संतुलन कायम रखा है, वहीं अभिनय की बात करें तो खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर, पियूष मिश्रा और स्नेहिल दीक्षित ने अपने किरदारों में जान फूंक दी है। रंगीन सिनेमैटोग्राफी और कसा हुआ संपादन इस फिल्म को परिवार के साथ देखने के लिए एक संपूर्ण मनोरंजन पैकेज बनाते हैं।










