नई दिल्ली, 24 जुलाई।
दिल्ली उच्च न्यायालय में जंतर-मंतर व उसके आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई किए जाने पर सहमति बन गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की पीठ के समक्ष इस गंभीर विषय को रखते हुए तुरंत विचार करने का आग्रह किया, जिसके बाद कोर्ट आज ही इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि केंद्र सरकार और संबंधित महकमों द्वारा इंटरनेट सेवाओं को अचानक निलंबित किया जाना पूरी तरह से मनमानापूर्ण रवैया है, जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। छात्रों द्वारा पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन किए जाने के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कानून के प्रावधानों के तहत यह प्रतिबंध लगाया था, जिससे कनॉट प्लेस और मंडी हाउस तक डेटा सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
याचिका में इस प्रकार से बार-बार इंटरनेट सेवाएं ठप किए जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार पर बड़ा आघात बताया गया है, जिससे स्थानीय कारोबारियों और आम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।










