नरसिंहपुर, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में लगभग एक सप्ताह पूर्व जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटी सड़क दुर्घटना को लेकर पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की गहन छानबीन में यह बात सामने आई है कि पांच लोगों की जान लेने वाली वह घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि अवैध रेत कारोबार के वर्चस्व को लेकर रची गई एक खतरनाक और सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी और रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी के बीच व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और पैसों के लेनदेन को लेकर गहरी रंजिश चल रही थी। राजेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उसकी गाड़ी को सड़क किनारे खड़े भारी हाईवा से कुचलवा दिया और पूरी वारदात को एक सामान्य दुर्घटना का रूप देने का षड्यंत्र रचा।
गत 19 जुलाई को हुई इस दर्दनाक घटना में राजेंद्र समेत पांच युवकों की मौके पर या अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले की परते उधेड़ते हुए मुख्य सूत्रधार समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस खौफनाक साजिश में एक निजी अस्पताल का संचालक डॉक्टर भी शामिल था, जिसने हत्या को सड़क हादसे की शक्ल देने और साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपियों को गुर सिखाए थे। इसके अलावा कुछ अन्य लोग लगातार मृतक की लोकेशन साझा कर रेकी को अंजाम दे रहे थे।
इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हाईवा के अलावा लग्जरी गाड़ियां भी जब्त कर ली गई हैं। फिलहाल तीन फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस दलों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।















