चेन्नई, 31 जुलाई।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक अगस्त को तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कांग्रेस के संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगे और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
राहुल गांधी की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात भी प्रस्तावित है। राजनीतिक नजरिए से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस की ओर से 23 जुलाई से एक अगस्त तक राज्य में पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आने वाले चुनावों की रणनीति तैयार करना है।
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में माणिक्कम ठाकुर के कार्यभार संभालने के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को संगठन विस्तार से जुड़े विषयों की जानकारी दी जा रही है। शिविर में उपचुनाव, स्थानीय निकाय चुनाव और भविष्य की चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हो रही है।
चेन्नई के पास महाबलीपुरम में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान को प्रभावी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिविर के अंतिम दिन राहुल गांधी पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। वह संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों, मनरेगा श्रमिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद किया गया। इसके साथ ही क्षेत्रीय प्रशिक्षण के माध्यम से पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
राहुल गांधी और मुख्यमंत्री विजय की मुलाकात में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से चर्चा में रही मेकेदातु बांध परियोजना पर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री विजय दिल्ली दौरे के दौरान राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की प्रस्तावित बैठक को राजनीतिक संवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है।













