लखनऊ, 3 अगस्त।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विधायक आलम बदी और 21 पूर्व विधायकों के निधन पर सदन ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिस पर नेता प्रतिपक्ष सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक प्रस्ताव पर चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दिवंगत सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के विधायक आलम बदी का 23 जुलाई 2026 को निधन हुआ था। वह विधानसभा के वरिष्ठतम सदस्यों में शामिल थे और पांच बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने उनके सार्वजनिक जीवन, सादगी और जनसेवा का उल्लेख करते हुए श्रद्धांजलि दी तथा शोक संदेश परिजनों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि आलम बदी में उम्र के इस पड़ाव पर भी युवाओं जैसा उत्साह था। उन्होंने बताया कि बीमारी के बावजूद वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखते थे। उन्होंने उनके व्यक्तित्व और विचारों को भी याद किया।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर और मंत्री संजय निषाद ने भी आलम बदी के निधन को प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने नौकरी की और समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कौमी एकता संगठन की स्थापना कर सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया।
अपना दल (एस) के रामविवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह बालियान और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के विनोद सरोज ने भी दिवंगत विधायक के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने 21 पूर्व विधायक के निधन पर भी शोक प्रस्ताव रखा और सभी दिवंगत पूर्व सदस्यों के नाम सदन में पढ़कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी सरकार और पार्टी की ओर से सभी के प्रति संवेदना व्यक्त की।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने वर्तमान और पूर्व सदस्यों के परिजनों तक सदन की ओर से शोक संदेश पहुंचाने का आश्वासन दिया और इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।












