गुवाहाटी, 3 अगस्त।
असम में बाढ़ का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य के पांच जिलों में कुल 1,36,203 लोग अब भी प्रभावित हैं। इस बीच तीन और शव मिलने के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। इस बार की बाढ़ ने ऊपरी असम के चार प्रमुख जिलों में सबसे अधिक तबाही मचाई है और शिवसागर जिले में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा दो अगस्त से चार दिवसीय ऊपरी असम दौरे पर हैं। वह प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। राज्य सरकार के मंत्री भी विभिन्न इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता शीघ्र पहुंचाई जा सके।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, धनसिरि नदी नुमलीगढ़ क्षेत्र में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार को शिवसागर जिले से तीन और शव बरामद किए गए। इसके अलावा जिले में दो लोगों के लापता होने की जानकारी भी दर्ज की गई है।
राज्य के गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव और धेमाजी जिलों के 21 राजस्व मंडलों के 335 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है।
सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 39 राहत शिविर और 15 राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं। इन राहत शिविरों में 10,844 लोग ठहरे हुए हैं। बाढ़ के कारण सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।












