बागडोगरा, 03 अगस्त।
पश्चिम बंगाल की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की दशा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। वे अपना सिलिगुड़ी दौरा पूर्ण करने के उपरांत सोमवार को कोलकाता के लिए प्रस्थान करने से पूर्व बागडोगरा विमानतल पर मीडियाकर्मियों से मुखातिब थीं।
उन्होंने प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन के एक देश, एक कानून संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी वह टिप्पणी पड़ोसी मुल्क में हिंदुओं के संग हो रहे अत्याचारों की पृष्ठभूमि में आई है। उनके मुताबिक, वहां मूल निवासियों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करने में भी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है और इसी दमन के विरोध में तसलीमा ने मुखर होकर आवाज उठाई है।
मालदा अंचल में भारी मात्रा में नकदी मिलने के प्रकरण पर बोलते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया कारोबार नहीं है, बल्कि यह अवैध खेल काफी अरसे से अनवरत चल रहा है।
सूबे में नशे के बढ़ते हुए कोढ़ पर फिक्रमंदी जाहिर करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री के नशा-मुक्त देश के विजन का हवाला दिया। सिलीगुड़ी और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे इलाकों में युवा पीढ़ी तेजी से इसकी जकड़ में आ रही है। उन्हें तमाम नागरिकों से ऐसी शिकायतें मिली हैं कि संभ्रांत परिवारों की संतानें भी इस दलदल में फंसती चली जा रही हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह भयावह स्थिति रातोंरात पैदा नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे पिछले डेढ़ दशक का कुचक्र है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी नई सरकार को सत्ता संभाले अभी मात्र ढाई माह का वक्त बीता है, मगर इस सामाजिक समस्या का जड़ से खात्मा करने के लिए ठोस और गंभीर कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए चेताया कि जिस प्रकार किसी परिवार को खोखला करने के लिए उसकी नई पौध को निशाना बनाया जाता है, ठीक उसी तरह राष्ट्र को कमजोर करने के वास्ते युवाओं को नशे की अंधकारमय दुनिया की ओर धकेला जा रहा है।













