नई दिल्ली, 3 अगस्त।
देशभर में सावन का पहला सोमवार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक शिवालयों, पवित्र नदी तटों और जलाशयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर और घाट भक्तिमय वातावरण में डूबे हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी तड़के से शिव मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
मध्य प्रदेश के उज्जैन, हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ, उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ, उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश तथा झारखंड के देवघर में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी हैं। प्रयागराज के संगम क्षेत्र में श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान करने के बाद सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित कर रहे हैं। चित्रकूट के रामघाट पर मंदाकिनी में स्नान के बाद श्रद्धालु महाराजाधिराज मतगजेन्द्र नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं।
दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अर्द्धसैनिक बल, दिल्ली पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में रात दो बजे से ही दर्शन और पूजा का क्रम शुरू हो गया। यहां मेटल डिटेक्टर और संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस बार श्रद्धालु गर्भगृह में सीधे जलाभिषेक नहीं कर सकेंगे और इसके लिए बाहर विशेष क्यारियां बनाई गई हैं।
चांदनी चौक के बनखंडी मंदिर और कनॉट प्लेस स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। विश्वेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक का अनुष्ठान भी शुरू हो गया है।













