भोपाल, 03 अगस्त।
मध्य प्रदेश में इस वक्त मानसून की चाल धीमी बनी हुई है और सूबे में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे चल रहा है। प्रदेशभर में अब तक औसतन 15.8 इंच पानी बरसा है, जबकि इस समयावधि तक 18.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी, यानी कुल मिलाकर राज्य में लगभग 15 प्रतिशत कम पानी गिरा है और आगामी दो दिनों तक कहीं भी भारी मौसम का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्वी हिस्से में सामान्य से 19 प्रतिशत तथा पश्चिमी अंचल में 11 प्रतिशत कम मी पानी दर्ज किया गया है। रविवार को केवल सीहोर जिले में तेज फुहारें गिरीं, परंतु बाकी बहुतायत जिलों में हल्की बूँदबाँदी होने के कारण आंकड़ों में कोई खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है।
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा ऐसे 42 जिले हैं जहां मी कम पड़ी है। इसके विपरीत मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ तथा सीहोर में तय मानक से अधिक वृष्टि हो चुकी है।
मौसम प्रणालियां सक्रिय होने के बावजूद उनकी कम तीव्रता के कारण मूसलाधार मेघ फिलहाल थमे हुए हैं। आगामी दो दिनों तक अधिकतर संभागों में छिटपुट फुहारें पड़ने की उम्मीद है, लेकिन तगड़ी बारिश के कोई विशेष संकेत नहीं मिल रहे हैं।
यद्यपि 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के पूरे आसार हैं, जिसके प्रभाव से आगामी 5 अगस्त से सूबे के पूर्वी और उत्तरी छोर पर स्थित अंचलों में फिर से भारी बरसात का दौर लौटने की प्रबल संभावना है।













