भोपाल, 03 अगस्त।
मध्य प्रदेश की राजनीति के कद्दावर स्तंभ तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पारस जैन का आज प्रातः 77 वर्ष की आयु में देवलोकगमन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के एक अस्पताल में उनका चिकित्सीय उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके प्राणांत का समाचार मिलते ही संपूर्ण राजनीतिक गलियारों, संगठन तथा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर छा गई। आज दोपहर तीन बजे उज्जैन स्थित उनके निज निवास से उनकी अंतिम यात्रा प्रस्थान करेगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से राजनीति के अंचल में कदम रखने वाले पारस जैन भाजपा के अत्यंत अनुभवी चेहरों में शुमार थे। उन्होंने अपने जीवन के चार दशक से अधिक का समय सक्रिय राजनीति को समर्पित किया और लंबे समय तक उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। अपने मिलनसार व्यवहार, सहज उपलब्धता तथा जनहित के मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता के कारण वे क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय नेता माने जाते थे।
वे कई मर्तबा उज्जैन उत्तर क्षेत्र से विधायक चुने गए और प्रांतीय सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाली। वर्ष 2005 से 2013 के अंतराल में उन्होंने राज्य मंत्री के रूप में वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति जैसे अहम विभागों का दायित्व निभाया। दिसंबर 2013 में उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया तथा वर्ष 2016 के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा गया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए।
विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने के बावजूद उन्होंने संगठन से कभी दूरी नहीं बनाई। वे निरंतर सांगठनिक बैठकों और जनसंपर्क अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी लेते रहे तथा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते रहे।
संघीय संस्कारों से ओतप्रोत पारस जैन को एक अनुशासित और सौम्य व्यक्तित्व के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।













