रतलाम, 03 अगस्त।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के करमदी रोड फोरलेन पर रविवार की रात्रि एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसमें दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक दुर्घटना के बाद से दोनों पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
ये दोनों युवा अपनी बाइक पर सवार होकर करमदी गांव से रतलाम की ओर लौट रहे थे। रास्ते में जब वे एचपी पेट्रोल पंप के समीप पहुंचे, तो वहां पसरे अंधेरे के कारण उनकी तेज रफ्तार गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि दोनों युवकों के सिर में घातक चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह मर्माहत करने वाली घटना रात्रि करीब दस बजे की है। पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार लक्ष्मीनगर निवासी 20 वर्षीय केशव, जो नूतन परिहार का पुत्र था, अपने साथी 25 वर्षीय शोएब उर्फ शाहिद (पुत्र राजा) के साथ सफर कर रहा था। पेट्रोल पंप के पास स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण वहां भीषण अंधकार था, जिसके चलते चालक को रास्ता दिखाई नहीं दिया और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग सहायता के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी, जिसके पश्चात पुलिस ने शवों को चिकित्सीय महाविद्यालय पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आरंभिक पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि इस यात्रा की शुरुआत में उनके साथ एक अन्य मित्र धर्मेंद्र राठौर भी मौजूद था। तीनों करमदी से एक ही दोपहिया वाहन पर निकले थे, किंतु रास्ते में धर्मेंद्र पेट्रोल पंप पर अपने परिचित से मिलने के लिए उतर गया। किस्मत ने उसका साथ दिया और वह इस भीषण दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया।
दोनों मृतक अपने-अपने परिवारों के इकलौते संबल थे। केशव डेकोरेशन का कार्य संभालता था और उसके पिता फूलमंडी में चाय की दुकान चलाते हैं, वहीं शोएब एक आइसक्रीम पार्लर में कार्यरत था और उसके पिता फल का ठेला लगाकर गृहस्थी चलाते थे। जवान बेटों की असमय मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि उस मार्ग पर बत्ती बंद रहना इस हादसे की मुख्य वजह बनी। माणकचौक थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और इस पहलू की भी गहराई से छानबीन की जा रही है कि प्रकाश व्यवस्था ठप होने के लिए कौन जिम्मेदार था तथा वाहन की गति कितनी थी।













