गया, 25 सितंबर।
मोक्ष की भूमि गयाजी में शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।
25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले 17 दिवसीय मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुपद मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर गर्भगृह में भगवान विष्णु के चरणचिह्न के दर्शन किए।
इसके बाद उन्होंने फल्गु नदी स्थित देवघाट का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मेले की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी भी पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। मेले के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस ने मेले को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। संभावित भीड़ को देखते हुए छह हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के आवासन के लिए 2500 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए 150 मुफ्त ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। इसके अलावा यातायात और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल सेवाएं भी शुरू की गई हैं। ‘पिंडदान गयाजी’ मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से पिंडदान से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी। इसमें विभिन्न पिंडदान वेदियों, कर्मकांड, पंडा-पुरोहित, आवासन, यातायात और पार्किंग की जानकारी दी गई है।
ऐप पर स्वास्थ्य केंद्रों, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सहायता से जुड़े संपर्क नंबर भी उपलब्ध रहेंगे।
नेपाल से पहुंचे 50 श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान
पितृपक्ष मेले के पहले दिन नेपाल के मोरंग जिले की केरावाटी गांवपालिका के अमही, भौनी और बैरबन गांव से करीब 50 श्रद्धालु गयाजी पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान के साथ पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण किया।
मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से घाट का वातावरण भक्तिमय हो गया। पुनपुन पंडा समिति के सचिव राकेश उर्फ रिंकू पांडे ने बताया कि नेपाल से आए करीब 50 श्रद्धालुओं ने तर्पण किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी गयाजी पहुंचेंगे।














