नई दिल्ली, 29 सितंबर।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन (रबी अभियान 2026) के दूसरे दिन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इस व्यापक कार्ययोजना के तहत फसल कटाई के बाद के प्रबंधन को मजबूत बनाने, वैज्ञानिक भंडारण प्रणालियों के विकास और बेहतर विपणन नेटवर्क तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार द्वारा तुअर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही यह भी पुख्ता व्यवस्था की गई है कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान महज 48 घंटे के भीतर सीधे उनके खातों में प्राप्त हो जाए।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के जरिए उभर रहे नए वैश्विक बाजार अवसरों का भरपूर लाभ उठाएगा, जिससे देश के कृषि उत्पादों, फलों, सब्जियों और खाद्यान्न को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक सीधी पहुंच मिल सकेगी। उनका मानना है कि इन वैश्विक प्रयासों से न केवल किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर आर्थिक रिटर्न मिलेगा, बल्कि इससे भारत दुनिया के लिए एक प्रमुख 'फूड बास्केट' (खाद्य भंडार) के रूप में भी अपनी मजबूत वैश्विक पहचान स्थापित कर सकेगा।














