नई दिल्ली, 29 सितंबर।
वैश्विक बाजारों से आज कारोबार की शुरुआत में कमजोरी के साफ संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार बीते सत्र के दौरान भारी बिकवाली के बीच गिरावट के साथ बंद हुए।
वॉल स्ट्रीट पर कमजोरी का यह रुख डाउ जोन्स फ्यूचर्स में भी आज साफ तौर पर देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ट्रेजरी यील्ड में उछाल आने से अमेरिकी बाजार धड़ाम हो गए।
डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में तीन सैंतालीस अंक से ज्यादा की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एस एंड पी 500 और नैस्डेक सूचकांक भी भारी नुकसान के साथ लाल निशान पर बंद हुए।
दूसरी तरफ यूरोपीय बाजारों में भी कल मिला-जुला और सुस्त कारोबार देखने को मिला। एफटीएसई और डीएएक्स इंडेक्स मामूली कमजोरी के साथ बंद हुए।
सिर्फ सीएसी इंडेक्स ऐसा रहा जो सत्र के आखिरी दौर में हुई लिवाली के सहारे हल्की बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा। एशियाई बाजारों की बात करें तो वहाँ आज सुबह से ही चौतरफा बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है।
एशिया के नौ प्रमुख बाजारों में से आठ के सूचकांक भारी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। केवल शंघाई कंपोजिट इंडेक्स ही ऐसा है जो मामूली तेजी के साथ हरे निशान पर टिकने में सफल रहा है।
इसके विपरीत गिफ्ट निफ्टी और थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स भारी फिसलान के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान के निक्केई सूचकांक में आज सबसे बड़ी और चिंताजनक गिरावट देखने को मिल रही है।
हांगकांग का हैंग सेंग और कोरियाई कोस्पी इंडेक्स भी लगातार बिकवाली के दबाव से जूझ रहे हैं। ताइवान, जकार्ता और सिंगापुर के स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांकों में भी कमजोरी का यही दौर जारी है।














