नई दिल्ली, 09 अक्टूबर।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित आईसीएआर–भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR-IIAB) की विभिन्न आधुनिक सुविधाओं और भवनों का वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया। इस अवसर पर खूंटी, रामगढ़, गुमला और रांची जिलों के लगभग 1,500 किसानों की उपस्थिति में प्री-रबी किसान गोष्ठी सह कृषि इनपुट वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देना और खेतों तक नए नवाचार पहुंचाना है। इस संपूर्ण परियोजना पर लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसके तहत एडमिन-कम-स्कूल भवन, बिरसा मुंडा बहुउद्देशीय सभागार, जयपाल सिंह मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेक्स्टजेन ब्रीडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया गया तथा नए गेस्ट हाउस की आधारशिला रखी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने झारखंड की प्राकृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं में निहित जल एवं प्रकृति संरक्षण की समझ की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए पारंपरिक ज्ञान के साथ वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों का समन्वय बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने भी पूर्वी भारत में कृषि क्रांति, प्राकृतिक खेती और मृदा परीक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन, पशुधन सुधार और कीट नियंत्रण की जानकारी देने के साथ-साथ उन्नत बीजों, नैनो उर्वरकों और विभिन्न कृषि इनपुट का वितरण किया गया, ताकि किसानों की आय और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।














