कोलकाता, 10 अक्टूबर।
सर्वपितृ अमावस्या एवं महालया के शुभ अवसर पर शनिवार को राजधानी कोलकाता और हावड़ा के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हुगली नदी के तटों समेत विभिन्न जलाशयों के किनारे लोगों ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार तर्पण और श्राद्ध कर्म संपन्न किया। हावड़ा और कोलकाता के लगभग चार दर्जन से अधिक घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। महालया के साथ ही पितृ पक्ष का समापन हो गया है और राज्य भर में मां दुर्गा के आगमन का उल्लसित माहौल बन गया है।
बंगाल में महालया के पावन दिन से ही दस दिवसीय दुर्गा पूजा के भव्य उत्सव का आगाज हो जाता है, जिसे देखते हुए राज्य में उत्सव का माहौल है। इस अवसर पर सभी राज्य सरकारी कार्यालयों में भी अवकाश घोषित रहा। यूनेस्को द्वारा कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल किए जाने के बाद से इस पर्व की भव्यता और बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा का यह महापर्व हिंदू परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार पूरी पवित्रता व भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।














