नई दिल्ली, 12 अक्टूबर।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना छठा खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। टूर्नामेंट का नौवां संस्करण 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक जालंधर और मोहाली में आयोजित किया जाएगा। वर्ष 2011 में शुरू हुई इस प्रतियोगिता के आठ संस्करणों में भारत पांच बार चैंपियन बन चुका है और इस मामले में सबसे सफल टीम है। भारत ने पहली बार चीन के ऑर्डोस में पाकिस्तान को शूटआउट में 4-2 से हराकर खिताब जीता था। इसके बाद 2016 में कुआंतन में पाकिस्तान को 3-2 से शिकस्त देकर दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। वर्ष 2018 में मस्कट में फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। 2023 में चेन्नई में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने मलेशिया के खिलाफ पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की और 4-3 से जीत दर्ज कर चौथा खिताब हासिल किया। उस मुकाबले में हरमनप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह और आकाशदीप सिंह ने अहम गोल किए। भारत की इन जीतों ने एशियाई हॉकी में टीम की निरंतर सफलता और दबाव में मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता को साबित किया है।
भारतीय टीम ने 2024 में चीन के हुलुनबुइर में आयोजित आठवें संस्करण के फाइनल में मेजबान टीम को 1-0 से हराकर खिताब का बचाव किया था। उस मुकाबले में जुगराज सिंह का निर्णायक गोल भारत की जीत का आधार बना और टीम ने पांचवीं बार ट्रॉफी उठाई। इससे पहले 2011 में शूटआउट से मिली जीत, 2016 में पाकिस्तान पर सफलता और 2018 में संयुक्त विजेता बनने के बाद 2023 की यादगार वापसी ने भारत के शानदार रिकॉर्ड को मजबूत किया। हाल ही में भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक सफलतापूर्वक बचाकर भी इतिहास रचा है। अब पंजाब में होने वाली एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के पास एक और उपलब्धि हासिल करने का अवसर होगा। घरेलू मैदान पर भारतीय खिलाड़ी अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराते हुए छठा खिताब जीतना चाहेंगे। प्रतियोगिता में भारत की सफलता पर हॉकी प्रशंसकों की निगाहें रहेंगी।











