नई दिल्ली, 13 अक्टूबर।
गन्ने की कटाई, वजन में पारदर्शिता और रिकवरी से जुड़ी किसानों की शिकायतों का त्वरित समाधान निकालने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ मिलकर एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय संयुक्त कमेटी गठित करने की बड़ी घोषणा की है। इस विशेष समिति में केंद्र और राज्य सरकारों (कर्नाटक व महाराष्ट्र) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ किसान संगठनों के अधिकृत सदस्य, शुगर मिलों के नुमाइंदे और विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों को शामिल किया जाएगा, जो सभी तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अपनी व्यावहारिक रिपोर्ट सौंपेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के अन्नदाताओं का किसी भी स्तर पर शोषण न हो और उनकी समस्याओं का स्थाई व पारदर्शी समाधान निकाला जा सके।
इससे पहले दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने कर्नाटक और महाराष्ट्र से आए गन्ना किसानों के प्रतिनिधिमंडलों तथा राज्य के संबंधित मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अति संवेदनशील बैठक की, जिसमें रिकवरी डिफरेंस, वजन में कटौती और वेस्टेज जैसे मुद्दों पर विस्तार से विमर्श हुआ। बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की सेवा उनके लिए ईश्वर की आराधना के समान है और भविष्य में कोई भी मिल उनके अधिकारों पर डाका नहीं डाल पाएगा। सरकार ने इन सभी समस्याओं के निवारण हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक चरणों की रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ वैज्ञानिक और नीतिगत व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि किसानों को आर्थिक रूप से पूरी तरह सशक्त बनाया जा सके।














