नई दिल्ली, 15 अक्टूबर।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकॉक में ब्रिटेन के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर जॉन हीली के साथ द्विपक्षीय बैठक की। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान हुई इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने भारत-ब्रिटेन के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बातचीत में पिछले आर्थिक एवं वित्तीय संवाद के परिणामों को आगे बढ़ाने के साथ चौथे भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद, फिनटेक बैठकों और उनसे जुड़ी आईयूकेएफपी बैठकों के सफल आयोजन का भी उल्लेख हुआ।
सीतारमण ने साझा प्राथमिकताओं पर ब्रिटेन के साथ मिलकर काम करने और जी-20 की प्रक्रिया को रचनात्मक एवं समावेशी बनाए रखने के भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने 14वें आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (ईएफडी) को लेकर भारत की तैयारी का भी जिक्र किया। इस संवाद में महत्वपूर्ण खनिजों, हरित प्रौद्योगिकी और शहरों व क्षेत्रों के बीच साझेदारी जैसे विषयों पर सहयोग के प्रस्ताव शामिल हैं। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि अगला आर्थिक एवं वित्तीय संवाद इस साल दिसंबर में आयोजित किया जाएगा।
सीतारमण तीन दिवसीय दौरे पर बैंकॉक पहुंची हैं, जहां वह आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में भाग ले रही हैं। इसके अलावा उनके जी-20 और जी-7 के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठकों में हिस्सा लेने और विभिन्न देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा करने का कार्यक्रम है। बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर पहुंचने पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल और थाईलैंड के वित्त मंत्रालय के ट्रेजरी विभाग के उप महानिदेशक रुएचा वराटोर्न ने उनका स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं, वित्तीय बाजारों में सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।














