मुंबई, 19 अक्टूबर।
दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी पति और फिल्म निर्माता कुकू कोहली को खोने के बाद कठिन दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना पहला वीडियो साझा करते हुए प्रशंसकों का आभार जताया। अभिनेत्री ने कहा कि इस मुश्किल समय में लोगों से मिले प्यार और सहयोग ने उन्हें फिर से काम शुरू करने का हौसला दिया।
अरुणा ईरानी ने रविवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने कुकू कोहली के निधन के बाद उनका साथ देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने लोग दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहेंगे। प्रशंसकों के स्नेह और हिम्मत ने उन्हें दोबारा लोगों के सामने आने और काम पर लौटने की ताकत दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके चाहने वाले जीवन के अंतिम समय तक इसी तरह उनका साथ निभाते रहेंगे।
77 वर्ष की उम्र में हुआ था कुकू कोहली का निधन
फिल्म निर्माता कुकू कोहली का 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें अभिनेता अजय देवगन को फिल्म ‘फूल और कांटे’ से हिंदी सिनेमा में पहचान दिलाने के लिए जाना जाता है। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 24 अगस्त को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अरुणा ईरानी के भाई बलराज ईरानी के अनुसार, कुकू को अचानक दिल का गंभीर दौरा पड़ा था। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद 25 अगस्त को शाम करीब पांच बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अंतिम विदाई के समय भावुक हुई थीं अभिनेत्री
कुकू कोहली का अंतिम संस्कार 26 अगस्त को किया गया था। इस दौरान अरुणा ईरानी अपने पति को अंतिम विदाई देते समय भावुक हो गई थीं। परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों ने उन्हें संभाला। अंतिम संस्कार में दोनों परिवारों के अलावा फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल हुई थीं। विक्की कौशल, कैटरीना कैफ, शाम कौशल और रोहित शेट्टी सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कई फिल्मों का निर्देशन किया
कुकू कोहली ने ‘फूल और कांटे’ के अलावा ‘सुहाग’, ‘हकीकत’, ‘कोहराम’ और ‘अनाड़ी नंबर एक’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था। हिंदी सिनेमा में उनके योगदान को याद किया जाता है। उनके परिवार में पत्नी अरुणा ईरानी और पहली पत्नी रीटा कोहली से हुई दो बेटियां पूजा और करिश्मा हैं।
अरुणा ईरानी ने फिल्मों और धारावाहिकों में बनाई पहचान
अरुणा ईरानी ने बाल कलाकार के रूप में अभिनय की शुरुआत की थी। आगे चलकर उन्होंने सहायक और नकारात्मक भूमिकाओं में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘कारवां’, ‘बॉबी’, ‘बेटा’, ‘राजा बाबू’ और ‘दिल तो पागल है’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को पसंद किया गया। फिल्मों के साथ उन्होंने टेलीविजन पर भी काम किया। ‘देस में निकला होगा चांद’ और ‘झांसी की रानी’ जैसे धारावाहिकों में भी वह नजर आईं। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी और गुजराती फिल्मों में भी अभिनय किया है।










