आइची-नागोया, 22 अक्टूबर।
जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में भारत की पैरा तीरंदाज स्वाति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक हासिल किया है। महिला डब्ल्यू-1 व्यक्तिगत स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में उन्हें चीन की मेंगकान सेन के हाथों चार-छह से पराजय झेलनी पड़ी। इस बहुमूल्य पदक के साथ ही प्रतियोगिता में भारतीय दल के कुल पदकों की संख्या बढ़कर तिरसठ हो गई है। खेल महाकुंभ के चौथे दिन भारत की झोली में आया यह पहला पदक है।
फाइनल मुकाबले के शुरुआती दौर में स्वाति ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए तीन चरणों के बाद चार-दो की बढ़त बना ली थी। हालांकि चीनी खिलाड़ी ने बाद के चरणों में जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इसके चलते स्वाति को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा और उनके पास देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा मौका चूक गया। वर्तमान में भारत के कुल पदकों में चौदह स्वर्ण, बाइस रजत और सत्ताईस कांस्य पदक शामिल हैं, जिससे देश की स्थिति पदक तालिका में मजबूत हुई है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली सैंतीस वर्षीय स्वाति डब्ल्यू-1 श्रेणी में खेलती हैं, जिसमें गंभीर शारीरिक दिव्यांगता वाले एथलीट भाग लेते हैं। वह मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में प्रशिक्षक सत्यदेव प्रसाद की देखरेख में अभ्यास करती हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कड़ी मेहनत के दम पर विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने बैंकॉक में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में तीन रजत पदक जीते थे तथा दो हजार पच्चीस की राष्ट्रीय चैंपियनशिप और खेलो इंडिया पैरा खेलों में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।











