जिनेवा, 22 अक्टूबर।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि शक्तिशाली अल नीनो दुनियाभर में बड़े आर्थिक संकट पैदा कर सकता है। इसके प्रभाव से लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और प्रशांत क्षेत्र में भीषण गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है।
जिनेवा में आयोजित पत्रकार वार्ता में संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव टॉम फ्लेचर ने अल नीनो की तुलना विनाशकारी प्रहार से करते हुए इसके प्रभावों को कम करने के लिए तत्काल वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
फ्लेचर ने कहा कि तैयारी के लिहाज से अगले दो सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने सरकारों, नागरिक संगठनों, कारोबार जगत और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से संसाधन जुटाने तथा आपदा से निपटने की व्यवस्थाएं तैयार रखने का आग्रह किया।
उन्होंने आगाह किया कि इसके दुष्परिणाम प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगे। प्राकृतिक आपदाओं के कारण संघर्ष, लोगों का विस्थापन और पलायन जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन की प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने आशंका जताई कि इस वर्ष के अंत तक अल नीनो अभूतपूर्व रूप से शक्तिशाली हो सकता है। इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया में तापमान बढ़ने, वर्षा कम होने और जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इससे उठने वाला धुआं भी गंभीर समस्या बन सकता है। इसके अतिरिक्त कृषि और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।














