भोपाल, 24 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा शनिवार को आयोजित की जा रही है। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली इस परीक्षा में 13 लाख से अधिक नवसाक्षर शामिल होकर अपनी पढ़ने, लिखने और गणना करने की क्षमता का आकलन कराएंगे। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होकर तीन घंटे तक चलेगी। इसकी निगरानी राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला कलेक्टरों और मैदानी अमले द्वारा की जाएगी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संचालित यह कार्यक्रम 15 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, जिन्हें पढ़ने, लिखने, लिखित सामग्री समझने और सामान्य गणना करने में कठिनाई होती है। वर्ष 2022 से 2027 तक चलने वाली इस पहल के अंतर्गत साल में दो बार मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाती है। परीक्षा में सर्वेक्षण के जरिए चिह्नित और अक्षर साथियों की मदद से पंजीकृत शिक्षार्थियों के अलावा उन लोगों को भी अवसर दिया गया है, जिन्होंने प्रवेशिका पूरी कर अंतरिम मूल्यांकन पास किया है, लेकिन प्रमाण-पत्र नहीं मिला है। ऐसे पूर्व शिक्षित व्यक्ति भी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, जिनके पास शैक्षणिक प्रमाण-पत्र नहीं है। कार्यक्रम के तहत अब तक छह मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। स्वयंसेवकों को अक्षर साथी कहा जाता है, जबकि अध्ययन सामग्री व्हाट्सऐप समूहों, यूट्यूब और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।














