भोपाल, 24 अक्टूबर।
रायसेन जिले के रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में स्थित नीलगढ़ गांव में प्रस्तावित लहंगी-डंडा प्रतियोगिता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार रात आयोजित होने वाले ‘नीलगढ़ उत्सव-विशाल सहारा लहंगी-डंडा प्रतियोगिता’ में डीजे, लाउडस्पीकर और तेज आवाज वाले वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल से वन्यजीवों को परेशानी होने की आशंका जताई गई है।
सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अजय दुबे ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर आयोजन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने आयोजन की अनुमति और इसकी वैधानिक स्थिति की जांच कराने के साथ नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
501 रुपये प्रवेश शुल्क, 15 हजार रुपये तक के पुरस्कार
शिकायत के अनुसार, कार्यक्रम 24 अक्टूबर को रात आठ बजे से प्रस्तावित है। प्रचार सामग्री में 501 रुपये प्रवेश शुल्क और विजेताओं के लिए 15,001 रुपये तक के नकद पुरस्कार का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और वाहनों की आवाजाही बढ़ने से आसपास के वन्यजीव प्रभावित हो सकते हैं।
वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत जांच की मांग
अजय दुबे ने अपनी शिकायत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए संवेदनशील वन क्षेत्र में रात्रिकालीन आयोजन की वैधानिकता की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि तेज आवाज और भीड़ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को प्रभावित कर सकती है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के शामिल होने की चर्चा भी है, हालांकि उनकी भागीदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आयोजन की अनुमति और शिकायत पर संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।














