दक्षिण दिनाजपुर, 24 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में अंधविश्वास के चलते एक आदिवासी बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला सामने आया है। हरिरामपुर थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय महिला को डायन समझकर लाठियों से बेरहमी से पीटा गया। घटना में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर पड़ोस में रहने वाले युवक जयराम किस्कू को गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान रुमकी मुर्मू के रूप में हुई है।
घटना शिरशी ग्राम पंचायत के नाहिट इलाके की है। जानकारी के अनुसार, वाहन चालक जयराम किस्कू का बेटा लंबे समय से बीमार है। आरोप है कि जयराम को संदेह था कि उसके बेटे की बीमारी के पीछे रुमकी मुर्मू का हाथ है और वह उन्हें डायन मानने लगा था।
बताया गया है कि शुक्रवार रात क्षेत्र में प्रतिमा विसर्जन का जुलूस निकल रहा था। इसी दौरान शराब के नशे में जयराम ने बुजुर्ग महिला को रास्ते में रोक लिया। पहले उनके साथ गाली-गलौज की और फिर लाठी से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण महिला की हालत बिगड़ गई।
घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घायल महिला को हरिरामपुर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार को पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बालुरघाट जिला अस्पताल भेज दिया। मामले की जांच जारी है।
मृतका के बेटे गुडुम किस्कू ने बताया कि घटना के समय वह घर से बाहर था। उसकी बहन ने फोन कर मां के साथ मारपीट होने की जानकारी दी थी। उसने कहा कि परिवार ने पहले कभी ऐसी बात नहीं सुनी थी कि उसकी मां को डायन कहा जाता हो। बेटे ने आरोपित को कड़ी सजा देने की मांग की है।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक गुप्ता के अनुसार, कहासुनी और तीखी बहस के बाद महिला के साथ मारपीट हुई, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि परिजनों की लिखित शिकायत में डायन होने का आरोप लगाकर मारपीट किए जाने की बात स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है।
घटना पर पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच ने भी नाराजगी जताई है। संगठन के जिला सचिव अनिमेष लाहिड़ी ने कहा कि जागरूकता अभियान चलने के बावजूद समाज में अंधविश्वास बना हुआ है। बीमारी या पारिवारिक विवाद के कारण किसी को डायन बताकर उसकी हत्या करना निंदनीय है। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रतिनिधि गांव का दौरा करेंगे और पीड़ित परिवार का साथ देने के साथ ही अंधविश्वास दूर करने के लिए जागरूकता शिविर लगाएंगे।














