इंदौर, 24 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश पुलिस के प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान की संपत्तियों की लोकायुक्त जांच में एक और जमीन का पता चला है। देवास जिले में 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि की जानकारी मिलने के बाद अब तक सामने आई अचल संपत्तियों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। इनकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 68 करोड़ 1 लाख 90 हजार रुपये आंकी गई है। लोकायुक्त के अनुसार, अब तक फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की कुल चल-अचल संपत्ति करीब 21 करोड़ 65 लाख 39 हजार रुपये बताई गई है।
फिरोज खान इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में प्रधान आरक्षक चालक के पद पर पदस्थ हैं। लोकायुक्त टीम ने 14 अक्टूबर को उनके विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर तलाशी ली थी। इसके बाद से संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।
देवास में 2.30 करोड़ रुपये की जमीन का पता चला
लोकायुक्त जांच में देवास जिले के राजोदा में एक और कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। दस्तावेजों के अनुसार, 1.15 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली यह जमीन रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम पर 11 जून 2024 को खरीदी गई थी।
जमीन की रजिस्ट्री में खरीद कीमत 1 करोड़ 65 लाख 2 हजार 498 रुपये दर्ज है। वहीं, मौजूदा बाजार भाव के आधार पर इसकी कीमत करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपये आंकी गई है। लोकायुक्त टीम जमीन की खरीद और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सरकारी गाइडलाइन और बाजार मूल्य में बड़ा अंतर
24 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 51 अचल संपत्तियों की सरकारी गाइडलाइन के आधार पर कुल कीमत करीब 19 करोड़ 94 लाख 55 हजार रुपये है। वहीं, इनका अनुमानित बाजार मूल्य 68 करोड़ 1 लाख 90 हजार रुपये बताया गया है।
इससे पहले 23 अक्टूबर को सामने आए विवरण में 50 अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत करीब 18 करोड़ 29 लाख रुपये और बाजार कीमत लगभग 65 करोड़ 71 लाख रुपये बताई गई थी। नई जमीन की जानकारी मिलने के बाद इन आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है।
बैंक खातों और आरा मशीन से जुड़े विवरण भी जांच में
लोकायुक्त जांच में इंदौर की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट, विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम और देवास जिले के पिपलरावां-सोनकच्छ क्षेत्र में लकड़ी की आरा मशीन से संबंधित जानकारी भी सामने आई थी।
आदर्श कॉलोनी के दोनों प्लॉट साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर खरीदे गए बताए गए हैं। वहीं, फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर छह लाख रुपये में आरा मशीन खरीदे जाने की जानकारी मिली थी। विभिन्न बैंक खातों में कुल 19 लाख 76 हजार 541 रुपये जमा होने का भी पता चला था।
लोकायुक्त टीम संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद की तारीखों, भुगतान और निवेश से जुड़े विवरणों की जांच कर रही है। संपत्तियों के स्रोत और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।














